कलयुग का यह काल

कृपाचार्य ने जब अर्जुन के साथ कर्ण के युद्ध पर सवाल उठाए थे तब दुर्योधन ने कर्ण को अंगेश बनाकर न केवल कृपाचार्य के सवालों का जवाब दिया बल्कि आजीवन कर्ण को अपना ॠणी बनाया। कर्ण और दुर्योधन की दोस्ती की नींव डली । महाभारत काल में यह एक महत्वपूर्ण और निर्णायक मोड़ है। कलयुग …

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अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबानियों के कब्जे का भारत पर प्रभाव

17 अगस्त को अफ़ग़ानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद पहली बार उनके प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये विश्व से संवाद स्थापित किया| बात का सार यह था कि जो कोई भी इस्लाम के नियम से चलेगा उसे यहाँ कोई परेशानी नहीं होगी|लोगों के जीवन जीने का ढंग, रहन-सहन सब उनकी धार्मिक आस्थाओं …

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सूर्य और चंद्र का महत्व

किसी भी व्यक्ति की कुंडली का ज्योतिषीय  विश्लेषण करना हो या प्रकृति का ज्योतिषीय विश्लेषण करना हो तो सर्वप्रथम सूर्य और चंद्र का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया जाता है| ज्योतिषशास्त्र में  आखिर नौ ग्रहों में सबसे पहले इन दोनों का विश्लेषण ही क्यों किया जाता है?? इन दोनों का क्या है महत्व?? संसार और शरीर …

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चंद्र (MOON)

नंदी ..ओ ..नंदी .. कहाँ हो.. मामा के घर से घूम के आने के बाद अब कुछ पढ़ भी लो| दो महीने होने को आये,ज्योतिष की क्लास भी नहीं लगी है तुम्हारी| कुछ याद भी है या सबकुछ भूल भल गयी? कुछ नहीं भूले हैं बाबा| सब याद है| बस आ गए कॉपी कलम लेके| …

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दहीवड़ा

दहीवड़ा बनाते वक़्त अगर हम वड़े को कड़ाही में से तल कर निकालने के बाद थोड़ी देर पानी में रख कर न निचोड़ें तो वह कड़ा और कठोर ही रह जाता है, उसमें कोमलता नहीं आती है| उसके भीतर रस का प्रवेश नहीं होता है| वह टूट जाता है| खाने में कोई स्वाद नहीं आता| …

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पीपल और हम ( मनुष्य )

हमारे यहाँ अनेक धार्मिक अवसरों पर पीपल वृक्ष के पूजन का विधान है| पीपल में पितरों का वास माना गया है| आखिर पीपल के वृक्ष को हमारे यहाँ इतनी महत्ता क्यों प्रदान की गयी है?? क्या सिर्फ इसी  वजह से या इस वजह से कि यह चौबीसों घंटे जीवन प्रदायिनी ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है?? हमदोनों …

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आषाढ़ पंचमी

फोटो, साभार: Google ज्योतिषशास्त्र कभी भी एकांगी होकर बात नहीं करता है| कभी भी एक सूत्रीय फार्मूला नहीं देता है| मानसून में कितनी होगी बारिश इसके फलादेश हेतु सूर्य के धनु राशि में प्रवेश से ही बहुआयामी विश्लेषण करना प्रारम्भ किया जाता है| इन सभी के बारे में मैंने पहले यहाँ चर्चा की है|  इसी …

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